Aaj ka Ghanta gyan
Adult and Non Veg Shayri । अश्लील शायरी
रोये हम इस कदर उनके सीने से लिपट कर; वाह वाह! रोये हम इस कदर उनके सीने से लिपट कर; कि वोह खुद अपनी कमीज़ उतारक…
रोये हम इस कदर उनके सीने से लिपट कर; वाह वाह! रोये हम इस कदर उनके सीने से लिपट कर; कि वोह खुद अपनी कमीज़ उतारक…
वैलेंटाइन🌹और प्रोपोज़💁🏻डे तो विलायती चोचले हैं,, . . . . . हमने तो मोहल्ले के भंडारे में दो एक्स्ट्रा गुल…
हमने उसकी मोह्बत में, न जाने क्या से क्या लूटा दिया, इतने मुट्ठ मारे की टोपा सुजा दिया, वो हमें कमजोर समझती ध…